16 सितंबर 2019 - 17:14
ड्रोन हमले के बाद तेल की क़ीमत में मचा हाहाकार, ट्रम्प को रणनैतिक तेल भंडार के इस्तेमाल का आदेश देना पड़ा

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने सऊदी तेल कंपनी अराम्को के प्रतिष्ठान पर यमनी फ़ोर्सेज़ के 10 ड्रोन से हमले से, तेल की मंडी में मचे हाहाकार के बाद, अमरीका के संकटमय स्थिति के लिए आरक्षित तेल के भंडार को बाज़ार में लाने का आदेश दिया है ताकि विश्व स्तर पर तेल की क़ीमत नियंत्रित रहे।

ट्रम्प ने शनिवार तड़के ट्वीट में कहाः "सऊदी अरब पर हुए हमले के मद्देनज़र, जिसका तेल की क़ीमत पर असर पड़ सकता है, मैंने बाज़ार में आपूर्ति बनाए रखने के लिए, ज़रूरत पड़ने पर रणनैतिक पेट्रोलियम भंडार के इस्तेमाल का आदेश दिया है।"

ट्रम्प ने आगे कहाः "मैंने टेक्सस और दूसरे कई राज्यों में संबंधित एजेन्सियों को उन तेल पाइप लाइन के अनुमोदन को सरल करने के लिए कहा है जो इस समय इजाज़त की प्रक्रिया में हैं।"

अमरीकी राष्ट्रपति का बयान, यमनी सेना द्वारा सऊदी अरब पर की गयी कार्यवाही के बाद, ब्रेन्ट कच्चे तेल की क़ीमत में 13 फ़ीसद आयी उछाल के तुरंत बाद, आया है। ब्रेन्ट कच्चे तेल की प्रति बैरल क़ीमत 68.13 डॉलर पहुंच गयी है।

ग़ौरतबल है कि सऊदी अरब के यमन पर जारी हमलों के जवाब में यमनी फ़ोर्सेज़ ने शनिवार को सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अराम्को के मुख्य तेल प्रतिष्ठान अब्क़ीक़ और ख़ुरैस पर 10 ड्रोन से हमले किए। इस हमले के बाद सऊदी अरब में कच्चे तेल के उत्पादन में 50 फ़ीसद कमी आयी है और इस विशालकाल तेल कंपनी में कच्चे तेल का उत्पादन अब घट कर 57 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है।

तेल उद्योग के एक सूत्र ने रविवार को बताया कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इन प्रतिष्ठानों में तेल का उत्पादन कितने दिनों तक रुका रहेगा क्योंकि हमलों में हुए नुक़सान से एक रात में उबरा नहीं जा सकता।

अराम्को ने उत्पादन शुरु करने के लिए कोई निर्धारित तारीख़ नहीं बतायी है। फिर भी इस मामले के एक जानकार सूत्र ने रोयटर्ज़ को बताया कि तेल का पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरु होने में दिन नहीं हफ़्ते लगेंगे।